ETF क्या है, यह कैसे काम करता है, Mutual Fund से क्या फर्क है और कौन-सी स्थिति में ETF बेहतर है — चलिए आसान भाषा में समझते हैं।
सूची (Table of Contents)
- ETF क्या है?
- ETF कैसे काम करता है?
- ETF vs Mutual Fund
- ETF के फायदे
- नुकसान
- ETF के प्रकार
- भारत में Top ETFs
- ETF किसे चुनना चाहिए?
- निष्कर्ष
- FAQ
ETF क्या है?
ETF (Exchange Traded Fund) एक ऐसा फंड है जो किसी Index (जैसे NIFTY 50, Sensex) या Asset (जैसे Gold) को फॉलो करता है। यह Mutual Fund और Share Market का मिश्रण है — आपकी एक ही खरीद में कई कंपनियों में निवेश हो जाता है और इसे शेयर की तरह खरीदा/बेचा जा सकता है।
ETF कैसे काम करता है?
ETF का मैनेजर Index की कंपनियों को उसी अनुपात में होल्ड करता है जो Index में हैं। उदाहरण के लिए, यदि NIFTY में किसी कंपनी का वज़न 8% है तो ETF में भी करीब 8% की holding होगी। ETF का मकसद market को ट्रैक करना है, outperform करना नहीं।
ETF vs Mutual Fund — मुख्य अंतर
| फ़ीचर | ETF | Mutual Fund |
|---|---|---|
| खरीद/बेच | Stock Market में लाइव (Demat आवश्यक) | NAV पर (दिन में 1 बार) |
| Fees | कम (Low expense ratio) | अधिक |
| Market Timing | ज़रूरी (क्योंकि शेयर की तरह ट्रेड) | नहीं |
| Beginner Friendly | कम | अधिक |
ETF के फायदे
- Low Cost: Expense ratio बहुत कम होता है।
- Diversification: एक ETF से कई कंपनियों में निवेश।
- Transparency: Index को कॉपी करता है — holdings साफ़ दिखती हैं।
- Liquidity: बाजार घंटों में तुरंत खरीद/बेच सकते हैं।
ETF के नुकसान
- Demat account और broker ज़रूरी।
- Trade करने के लिए market hours में रहना पड़ता है।
- कभी-कभी ETF का price NAV से ऊपर/नीचे चलता है (premium/discount)।
ETF के प्रकार
- Index ETFs — Nifty, Sensex आदि।
- Gold ETFs — सोने की कीमत को ट्रैक करते हैं।
- Debt ETFs — government/corporate bonds ट्रैक करते हैं।
- Sectoral ETFs — Banking, IT, FMCG आदि सेक्टर्स।
भारत में Top ETFs (2025 - educational)
- Nippon India Nifty 50 ETF
- HDFC Sensex ETF
- UTI Nifty Next 50 ETF
- ICICI Prudential Gold ETF
- SBI PSU Bank ETF
ETF किसे चुनना चाहिए?
Beginners: पहले Mutual Fund SIP से शुरुआत करें, फिर ETF सीखें।
Young investors / Low-cost चाहने वाले: Nifty/Sensex ETF long-term के लिए बढ़िया विकल्प हैं।
Mutual Funds और SIP के बारे में अधिक जानने के लिए ये लेख पढ़ें:
निष्कर्ष
ETF एक low-cost, transparent तरीका है जो Index के साथ long-term wealth बनाने में मदद कर सकता है। अगर आप market और trading app इस्तेमाल करना जानते हैं तो ETF अपनाएँ, वरना पहले Mutual Fund SIP से शांति और अनुशासन के साथ शुरुआत करें।
FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1) क्या ETF में Risk है?
हाँ, Market risk होता है। पर diversification और index-following के कारण यह कई बार individual stock से कम volatile होता है।
2) क्या ETF में SIP कर सकते हैं?
सीधे SIP नहीं, लेकिन कुछ brokers ETF SIP या ETF में systematic investment जैसे विकल्प देते हैं।
3) क्या Demat account चाहिए?
हाँ, ETF खरीदने के लिए Demat और trading account चाहिए।
4) कौन सा ETF शुरू करने के लिए अच्छा है?
Beginners के लिए Nifty 50 या Sensex ETF सबसे सरल और सुरक्षित शुरुआत होती है।

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